है जरूरी - नूर | Hai Zaroori - Noor | Sonakshi Sinha


Song : Hai Zaroori 
Movie: Noor  
Singer: Prakriti Kakar 
Lyrics: Manoj Muntashir 
Music: Amaal Mallik 

कभी कभी लगे यही 
जो होना था हुआ वही 
बदलना भी हवाओं का 
है ज़रूरी 

कभी कभी लगे यही 
जो मिलना था मिला वही 
बिखरना भी दुआओं का 
है ज़रूरी 

किसी के वास्ते कहाँ 
ज़मीन पे आया आसमान 
ये दूरियां रही बस दूरियां

के चोरी चोरी चुपके से 
चुपके से रोना है ज़रूरी 
के पानी पानी अंखियों का 
अंखियों का होना 
है ज़रूरी 

रह गयी आरज़ू इक अधूरी 
के कभी कभी ऐसा भी, 
ऐसा भी होना है ज़रूरी 

नासमझ थे हम 
जो ये भी ना समझे 
वक़्त आने पर सब बदलते हैं 
मंजिलें क्या हैं 
और रास्ते क्या हैं 
लोग पल भर में 
यहाँ रब बदलते हैं 

किसी के वास्ते कहाँ 
किनारे आये कश्तियाँ 
ये दूरियां रही बस दूरियां 

के चोरी चोरी चुपके से 
चुपके से रोना है ज़रूरी 
के पानी पानी अंखियों का 
अंखियों का होना है ज़रूरी.. 

रह गयी आरज़ू एक अधूरी 
के कभी कभी ऐसा भी, 
ऐसा भी होना है ज़रूरी 

मुस्कुराने के कितने बहाने थे 
फिर भी आँखों ने क्यूँ नमी चुन ली 
दिल की बातें तो सब आसमानी थी 
हम ही पागल थे 
इस दिल की जो सुन ली 

किसी के वास्ते कहाँ मिली है 
रात से सुबह के दूरियां 
रही बस दूरियां 

के चोरी चोरी चुपके से 
चुपके से रोना है ज़रूरी 
के पानी पानी अंखियों का 
अंखियों का होना है ज़रूरी.. 

रह गयी आरज़ू एक अधूरी 
के कभी कभी ऐसा भी, 
ऐसा भी होना है ज़रूरी 

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Kabhi kabhi lage yahi 
Jo hona tha hua wahi 
Badlana bhi hawaaon ka 
hai zaroori 

Kabhi kabhi lage yahi 
Jo milna tha mila wahi 
Bikharna bhi duaaon ka 
hai zaroori 

Kisi ke waaste kahaan 
Zameen pe aaya aasmaan 
Ye dooriyan rahi bas 
dooriyan 

Ke chori chori 
chupke se Chupke se rona 
Hai zaroori 
Ke paani paani 
ankhiyon ka Ankhiyon ka hona 
Hai zaroori 

Reh gayi aarzu ik adhuri 
Ke kabhi kabhi Aisa bhi, 
aisa bhi hona Hai zaroori 

Nasamajh the hum 
Jo ye bhi na samjhe 
Waqt aane pe Sab badalte hain 
Manzilein kya hain 
Aur raaste kya hain 
Log pal bhar mein 
Yahaan Rabb badalte hain 
Kisi ke vaaste kahaan 
Kinaare aaye kashtiyan 
Ye dooriyan rahi bas dooriyan 

Ke chori chori chupke se 
Chupke se rona Hai zaroori 
Ke paani paani 
ankhiyon ka Ankhiyon ka hona 
Hai zaroori 
Reh gayi aarzu ik adhuri 
Ke kabhi kabhi Aisa bhi, 
aisa bhi hona 
Hai zaroori 

Muskurane ke kitne bahane thhe 
Phir bhi aankhon ne 
Kyun nami chun li 
Dil ki baatein toh 
Sab aasmaani thi 
Hum hi pagal the Iss dil ki jo sunn li 

Kisi ke vaaste kahaan 
Mili hai raat se subah 
Ke dooriyan rahi bas dooriyan 

Ke chori chori 
chupke se Chupke se rona 
Hai zaroori 
Ke paani paani 
ankhiyon ka Ankhiyon ka hona 
Hai zaroori 

Reh gayi aarzu ik adhuri 
Ke kabhi kabhi Aisa bhi, 
aisa bhi hona 
Hai zaroori


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