ज़ालिमा - रईस

Song - Zaalima
Music - JAM8
Lyrics - Amitabh Bhattacharya
Singers - Arijit Singh and Harshdeep Kaur



जो तेरी खातिर तड़पे पहले से ही 
क्या उसे तड़पना ओ ज़ालिमा
जो तेरे इश्क में बहका पहले से ही 
क्या उसे बहकाना ओ ज़ालिमा ओ ज़ालिमा

आँखें मरहबा, बातें मरहबा
मैं सौ मर्तबा दीवाना हुआ 
मेरा न रहा जब से दिल मेरा 
तेरे हुस्न का निशाना हुआ 

जिसकी हर धड़कन तू हो 
ऐसे दिल को क्या धड़कना
ओ ज़ालिमा ओ ज़ालिमा 

जो तेरी खातिर तड़पे पहले से ही 
क्या उसेय तड़पना ओ ज़ालिमा ओ ज़ालिमा 

साँसों में तेरी नजदीकियों का 
इत्र तू घोल दे घोल दे..
मैं ही क्यों इश्क जाहिर करूँ 
टू भी कभी बोल दे बोल दे 

लेके जान ही जाएगा मेरी 
कातिल हर तेरा बहाना हुआ 

तुझसे ही शुरू
तुझ पे ही खत्म
मेरे प्यार का फसाना हुआ 

टू शम्मा है तो याद रखना 
मैं भी हो परवाना 
ओ ज़ालिमा ओ ज़ालिमा 

जो तेरी खातिर तड़पे पहले से ही 
क्या उसे तड़पना ओ ज़ालिमा ओ ज़ालिमा 

दीदार तेरा मिलने के बाद ही 
छूटे मेरी अंगडाईयां 
तू ही बता दे क्यों ज़ालिमा मैं कहलाई 

क्यों इस तरह से दुनिया जहाँ में 
करता है मेरी रुसवाई 
तेरा कसूर और ज़ालिमा मैं कहलाई 

दीदार तेरा मिलने के बाद ही 
छूटे मेरी अंगडाईयां 
तू ही बता दे क्यों ज़ालिमा मैं कहलाई 

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