जींस

गाना – कोलंबस कोलंबस
फिल्म – जींस
संगीतकार – ए. आर. रहमान
गीतकार – जावेद अख्तर
गायक -सोनु निगम

कोलम्बस कोलम्बस छुट्टीइ है आई
आओ कोई नया मुल्क ढूँढें चल के भाई
कोलम्बस कोलम्बस छुट्टीइ है आई
आओ कोई नया मुल्क ढूँढें चल के भाई
छुट्टी छुट्टी छुट्टी कोई लहर दिल में उट्ठी

ऐसी जगह दिल कहता है चलो
दुनिया की कोई बुराई जहाँ न हो
फ़ौजी तैयारी जंग और लड़ाई
भूख और बीमारी गंदी राजनीती
इन सबसे दूर कहीं तो होगी हँसती-गाती ज़िंदगी

कोलम्बस कोलम्बस…

मेहनत हमने पाँच दिनों की
पाई तब है दो दिन की छुट्टी
आओ ख़ुशी से झूमें हवाओं की तरह घूमें
कलियों को हम चूमें लहरों से खेलें
बचपन में लौट जायें पँख लगा के
उड़ना सीखें इस अम्बर की सैर करें
परदेसी हैं पंछी बन के नगर-नगर की सैर करें
फिर दरिया की ओर जायें ऊँची-नीची मौज आये
ऐसे झूले झुलायें आये नींद हमें

कोलम्बस कोलम्बस छुट्टीइ है आई
आओ कोई नया मुल्क ढूँढें चल के भाई
छुट्टी छुट्टी छुट्टी कोई लहर दिल में उट्ठी

देखो जो कोई लड़की प्यारी
अपनी इन आँखों में तुम उसके सपने रख लो
सागर की लहरों की साड़ी उसको पहनाओ
अम्बर के तारों के बुंदे उसको बनवाओ
उसको भी प्यार से ख़ुद से कहते रहो
प्यारा ये ख़ाब है दो दिन तो देख लो
ख़ाबों में ही दो दिन रहो

कोलम्बस कोलम्बस छुट्टीइ है आई
आओ कोई नया मुल्क ढूँढें चल के भाई
छुट्टी छुट्टी छुट्टी कोई लहर दिल में उट्ठी


गाना – कहने को दादी लेकिन सहेली दादी हो तो ऐसी 
गायक – सोनु निगम, कविता पौडवाल, सुखविंदर सिंह

कहने को दादी लेकिन सहेली दादी हो तो ऐसी
संग-संग ये गाये संग-संग ये नाचे देखो तो है कैसी

तुमसे मुझे लोरी मिली गोदी मिली प्यार मिला
मेरे लिये बचपन में तुमने भला क्या ना किया
पर दादी ओ स्वीटी अब तक हो ब्यूटी 
कहने को दादी लेकिन सहेली दादी हो तो ऐसी

संग-संग ये गाये संग-संग ये नाचे देखो तो है कैसी
जींस अगर पहनों तो होंठों पर लिपस्टिक हो
बालों में खिज़ाब आये तो फिर से शबब आये
ये अरे वाह रे ये तमाशे हो गई क्या मैं बदल के
क्लिंटन को मैं फ़ोन लगा दूँ तुम कह देना आई लव यु
क्यूं ठीक है ना
कह देना कि दिल देखा तो मिस वर्ल्ड मैं ही हूँ
ओह यस..
कहने को दादी लेकिन सहेली दादी हो तो ऐसी
संग-संग ये गाये संग-संग ये नाचे देखो तो है कैसी
कंप्यूटर गाये तो तुम कत्थक नाच करो
डिस्को में जाओ तो होंठों पर भैरवी हो
साहिल पर तुम जाओ तो बिकनी भी पहनो
डिज्नीलैंड के गेट पे जा के दादी बनाओ एक रंगोली प्यारी सी
और मैं बेचूं वहां सड़क पर भजिये पाव मेदु बड़े
ओह यस..
कहने को दादी लेकिन सहेली दादी हो तो ऐसी
संग-संग ये गाये संग-संग ये नाचे देखो तो है कैसी
तुमसे मुझे लोरी मिली गोदी मिली प्यार मिला
मेरे लिये बचपन में तुमने भला क्या न किया
गाना –  कहता है मेरा ये दिल पिया कोई है कोई है ही नहीं
गायक – कविता कृष्णमुर्ती

कहता है मेरा ये दिल पिया कोई है कोई है ही नहीं
काया है तू छाया हूँ मैं तू न हो तो मैं भी नहीं
तू न हो तो मैं भी नहीं
चूड़ी जो खनके तो कहतें हैं खन-खन
घुँघरू जो छनके तो कहते हैं छन-छन
खन-खन हो य फिर छन-छन हो
मतलब इनका है जब तक हों दो
मैं भी हूँ तब तक जब तक तुम हो
जो सच है वो तुम मान ही लो
सुबह के पल या शाम के हों दिन तो सारा एक हि है
दो आँखों से देखें हम फिर भी नज़ारा एक ही है
दिल हैं दो लेकिन सनम प्यार की धारा एक ही है
कहता है मेरा ये दिल पिया कोई है कोई है ही नहीं
कोई है कोई है ही नहीं
सुनी कहानी है ये पुरानी हंसों का राजा हंसों की रानी
फिरते हैं एक संग हर पल ही
नैन में जब एक नीर भर आये जुड़वाँ आँख भी नीर बहाये
प्यार की हो मन में जल थल भी
कहने को दो जिस्म सही लेकिन बस इक जान हैं हम
कहने को हम दो सपनें हैं लेकिन इक अरमान हैं हम
इतना प्यार हुआ कैसे सोच के ख़ुद हैरान हैं हम
कहता है मेरा ये दिल पिया 
कहता है मेरा ये दिल पिया कोई है कोई है ही नहीं
कोई है कोई है ही नहीं
काया है तू छाया हूँ मैं तू न हो तो मैं भी नहीं
तू न हो तो मैं भी नहीं
गाना – हाय रे हाय रे हाय रब्बा
गायक -उदित नारायण, कविता कृष्णमुर्ती

मेरी हो ना कहो तो हूँ ना
तो फिर से कहो ना
मधुमिता मधुमिता मधुमिता
हाय रे हाय रे हाय रब्बा 
जीता-जागता ताजमहल मेरा है ना
हँसता-बोलता है जो कँवल मेरा है ना
हाय रे हाय रे हाय रब्बा
पूरे चाँद सी जिसकी शकल मेरी है ना
वो जो है एक पूरी ग़ज़ल मेरी है ना
प्यार जो मचले इस दिल में रंग आ जाये महफ़िल में
तू जो पिघले लहज़े में बोले छू लूं तेरे होंठों के शोले
प्यार पा के गीत गा के कहूँ दिल में जो हैं बातें प्यार की
हाय रे हाय रे हाय रब्बा
हाय रे हाय रे हाय रब्बा
जीता-जागता ताजमहल मेरा है ना
हँसता-बोलता है जो कँवल मेरा है ना
आओ नई दुनिया में घूमें आओ नई दुनिया देखें
परबत-परबत देखें दोनों और दरिया-दरिया देखें
हम यूँ रहें इस प्यार में लैला-मजनूँ अपने ही जैसा कहें हमें
वजह न पूछो बस इतना मानो कि दिल में ऐसे ख़याल को निकाल दो निकाल दो
न ये ज़माना कहे दिवाना मेरी सुनो अपने हाल को सम्भाल लो सम्भाल लो
क्यूँ सम्भालें हम दिल को पायेंगे हम मन्ज़िल को
क्यूँ ऐ सनम ऐसे डरें क्यूँ वो करें जो दिल ही ना माने
हाय रे हाय रे हाय रब्बा 
जीता-जागता ताजमहल मेरा है ना
हँसता-बोलता है जो कँवल मेरा है ना
हाय रे हाय रे हाय रब्बा

महकी हवायें पास जो आयें कानों में गायें आई लव यु 
पेड़ों के पंछी गीत सुनायें और ये जतायें आई लव यु 
जब ये कहा तुमने सनम हर जनम मैंने सपना जो देखा तो पूरा हुआ
ये फूलों की है आरज़ोओ की बालों में सजा ले तू इसीलिये तो हैं खिले
ये मोतियों सी बारिशें लिये हुये हैं ख़्वाहिशें कि चूम लें जो तू मिले
दिल की धड़कन थम जाये साँस भी चाहें ना आये
फिर भी जियूं पर जानें क्यूं तुम बिन जिया नही जाये
हाय रे हाय रे हाय रब्बा 
जीता-जागता ताजमहल मेरा है ना
हँसता-बोलता है जो कँवल मेरा है ना
हाय रे हाय रे हाय रब्बा
पूरे चाँद सी जिसकी शकल मेरी है ना
वो जो है एक पूरी ग़ज़ल मेरी है ना
प्यार जो मचले इस दिल में रंग आ जाये महफ़िल में
तू जो पिघले लहज़े में बोले छू लूँ तेरे होंठों के शोले
प्यार पा के गीत गा के कहूँ दिल में जो हैं बातें प्यार की
हाय रे हाय रे हाय रब्बा 

गाना – फूलों में जो ख़ुश्बू है कैसे वो आती है अजूबा 
गायक – हरीहरन, साधना सरगम 
फूलों में जो ख़ुश्बू है कैसे वो आती है अजूबा
तितली कहाँ से ये सारे रंग लाती है अजूबा
हवा को बाँसुरी बनाती है संगीत कैसे अजूबा
कोयल ने सीखे हैं इतने प्यारे गीत कैसे अजूबा
हैं ये अजूबे लेकिन इक और अजूबा है
धरती से अम्बर से परबत से सागर से
हमने सुना प्यार अजूबा है
पहली नज़र में ही जो दो दिलों में हो
हर वो क़रार अजूबा है ओ
फूलों से जो ख़ुश्बू आये अजूबा है
तितली जो सारे रंग लाये अजूबा है
बाँसुरी का ये संगीत अजूबा है
कोयल जो गाती है गीत अजूबा है
ये भी हैराँ हैं ऐसा भी एक अजूबा है
डाली में महक होती ही नहीं कलियों में महक आ जाती है
ये भी अजूबा ही है
सागर से घटा जो उठती है मीठा पानी बरसाती है
ये भी अजूबा ही है
जंगल में जुगनू को देखो तो ये सोचो
ये रोशनी इस में आई कैसे
तन में जो है जाँ वो किस तरह है
मन में हैं अरमाँ वो किस तरह हैं
कह भी दो ये भी तो कोई अजूबा है
धरती से अम्बर से परबत से सागर से
हमने सुना प्यार अजूबा है
पहली नज़र में ही जो दो दिलों में हो
हर वो क़रार अजूबा है ओ
फूलों से जो ख़ुश्बू आये अजूबा है
तितली जो सारे रंग लाये अजूबा है
बाँसुरी का ये संगीत अजूबा है
कोयल जो गाती है गीत अजूबा है
ये भी हैराँ हैं ऐसा भी एक अजूबा है
अजूबा अजूबा अजूबा अजूबा अजूबा अजूबा 
कहने को सात अजूबे हैं पर शायद लोग ये भूले हैं
एक और अजूबा भी है
रेशम-रेशम चंदन-चंदन तेरा महका-महका ये बदन
कोई अजूबा ही है
आँखों के नीले दर्पन होंठों का ये भीगापन
ये रूप तेरा अजूबा ही तो है
बाँहों की गर्मी ये भी अजूबा है
हाथों की नर्मी ये भी अजूबा है
ये चमन सा बदन कोई अजूबा है
धरती से अम्बर से परबत से सागर से
हमने सुना प्यार अजूबा है
पहली नज़र में ही जो दो दिलों में हो
हर वो क़रार अजूबा है ओ
फूलों से जो ख़ुश्बू आये अजूबा है
तितली जो सारे रंग लाये अजूबा है
बाँसुरी का ये संगीत अजूबा है
कोयल जो गाती है गीत अजूबा है
ये भी हैराँ हैं ऐसा भी एक अजूबा है

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