बेबी(2015)

फिल्म - बेबी(2015) 
गाना - मैं तुझसे प्यार नहीं करता 
संगीतकार - एम.एम.क्रीम 
गीतकार - मनोज मुन्तशिर 


मैं तुझसे प्यार नहीं करता 
मैं तुझसे प्यार नहीं करता
पर कोई ऐसी शाम नहीं
जब मैं अपनी तन्हाई में 
तेरा इंतजार नहीं करता 

मैं तुझसे प्यार नहीं करता 
दिल से ये कहता रहता हूँ 
पर तेरी साँसों में छुप के 
मैं साँस लेता रहता हूँ...
इससे इनकार नहीं करता..
मैं तुझसे प्यार नहीं करता...

मुझे कुछ भी याद नहीं रहता
कब दिन डूबा कब  रात हुई
अभी कल की ही बात है 
पहरों तक मेरी दीवारों से बात हुई..
जो होश ज़रा खोने वाला हूँ 
अफवाह उड़ी है यारों में 
मैं पागल होने वाला हूँ 
मैं तुझसे प्यार नहीं करता 

मैं तुझसे प्यार नहीं करता 
मैं तुझसे प्यार नहीं करता 
पर ऐसा कोई दिन है क्या?
जब याद तुझे तेरी बातों को 
सौ सौ बार नहीं करता 
सौ सौ बार नहीं करता 


गाना - मैं तुझसे प्यार नहीं करती(F)
गायक - रम्या बेहरा


मैं तुझसे प्यार नही करती..
मैं तुझसे प्यार नही करती 
पर कोई ऐसी शाम नही 
जब मैंने अपनी तनहाई मे 
तेरा इंतजार नही करती 
मैं तुझसे प्यार नही करती 

मैं तुझसे प्यार नही करती 
पर शहर मे जिस दिन तू ना हो 
ये शहर पराया लगता है 
हर फूल लगे बेगाना सा...
हर शज़र पराया लगता है 
मैं तुझसे प्यार नही करती 

वो अलमारी कपड़ोवाली 
लावारिस हो जाती है 
ये पहनूँ या वो पहनूँ 
ये उलझन भी खो जाती है 
मुझे ये भी याद नही आता 
रंग कौन से मुझको प्यारे है 
मेरे शौक पसंद मेरे 
बिन तेरे सब बंजारे है 

मैं तुझसे प्यार नही करती 
मैं तुझसे प्यार नही करती 
पर ऐसा कोई दिन है क्या, 
जब याद तुझे तेरी बातों को 
सौ सौ बार नही करती 
सौ सौ बार नही करती




गाना : बेपरवाह 
संगीतकार : मीत-ब्रोस 
गायक : अपेक्षा दांडेकर 

थरथराते हैं लम्हें, वक़्त रुख बदलता है
दूर साहिल पर कहीं दिन ये ढलता है

कतरा कतरा सन्नाटा मोम सा पिघलता है
खेलने वाला कोई नहीं खेल फिर भी चलता है
सौ चेहरे आयें जाएँ
यादों में वहीँ रह जाएँ...

बेपरवाह..बेपरवाह हो जाएँ...
बेपरवाह..बेपरवाह हो जाएँ...

आँखों पे भरोसा न कर
धोखा है हर एक मंजर
मिलते हैं जो गले खुलके
वही वार करें छुप कर

शोर में है सरगोसी
होश में है बेहोशी
होंट सब के सिल जायेंगे
बोलेंगी जब ख़ामोशी
सौ चेहरे आयें जाएँ
यादों में वहीँ रह जाएँ...

बेपरवाह..बेपरवाह हो जाएँ...
बेपरवाह..बेपरवाह हो जाएँ...

कुछ हल्का कुछ गहरा
राज़ है लब पे ठहरा
जाल के अन्दर जाल है
चेहरे पे है चेहरा

हंसती आँखों वाले सभी
मीठी बातों वाले
होंटों से ना छूना कभी
ये ज़हर के प्याले
सौ चेहरे आयें जाएँ
यादों में वहीँ रह जाएँ

बेपरवाह..बेपरवाह हो जाएँ...
बेपरवाह..बेपरवाह हो जाएँ...

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